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2020 सिख रेफरेंडम ऐप को हटाने की मांग कर रहे भारतीय


New Delhi:

 नई दिल्ली, 8 नवंबर | इंटरनेट का प्रयोग करने वाले काफी लोगों ने शुक्रवार को ट्विटर पर विवादास्पद '2020 सिख रेफरेंडम ऐप' को तुरंत हटाने की मांग की है।

  एक यूजर ने लिखा, "मोबाइल ऐप '2020 सिख रेफरेंडम' को करतारपुर, पाकिस्तान में सिखों को टागरेट करने के लिए बनाया गया है। यह खालिस्तान को बढ़ावा देने के लिए है। इस तरह के काम की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।"

एक अन्य यूजर ने लिखा, "भारत-विरोधी प्रोपेगेंडा 'खालिस्तान' अब गूगल प्ले स्टोर पर है। गूगल प्ले अपने प्लेटफॉर्म पर कट्टरपंथी सोच को कैसे अनुमति दे सकता है? यह '2020 सिख रेफरेंडम ऐप' भारत के खिलाफ खालिस्तान के लिए युवाओं को कट्टरपंथी बना रहा है और पाकिस्तानी इस एप्लिकेशन को संचालित कर रहे हैं।"

यह ऐप अभी तक 1,000 से अधिक डाउनलोड हो चुकी है। इसे अमेरिका आधारित समूह सिख फॉर जस्टिस द्वारा शुरू किए गए एक ऑनलाइन अलगाववादी अभियान के तहत बढ़ावा दिया जा रहा है।

इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने अपने अधिकारियों को इस मामले को उचित तरीके से उठाने का निर्देश दिया और प्रौद्योगिकी कंपनी को इसे हटाने के लिए कहा। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से भी गुजारिश की है कि वह तुरंत कंपनी को इस ऐप को हटाने का निर्देश दें।

RTI News