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कैम्प कार्यालयों से कोरोना के खिलाफ जंग में जुटे योगी के मंत्री


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New Delhi:

लखनऊ, 26 मार्च | पूरे देश में लॉकडाउन होने के बाद जरूरी सेवाओं की आपूर्ति न बिगड़े इसलिए कैम्प कार्यालय से व्यवस्था बनाने में योगी सरकार के मंत्री जुटे हुए हैं। सुबह से शाम तक सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए अधिकारियों से फोन में जायजा ले रहे हैं। फोन से शिकायतों का निस्तारण भी कर रहे हैं।

सरकार के प्रवक्ता व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा इन दिनों कोरोना को लेकर क्रिटिकल जनपदों में विद्युत सप्लाई का हाल अपने कैंप कार्यालय से लेते हैं।मंत्री ने बताया कि "वह दिन में ऊर्जा विभाग के अधिकारियों से टेलीफोन के जरिये संपर्क रखते हुए आपूर्ति की समीक्षा करते हैं। जरूरी दिशा निर्देश वह अपने कार्यालय से ही देते हैं। ऊर्जा विभाग के कर्मिकों को कहीं कोई समस्या न आये इसके लिए भी वह फीडबैक लेते हैं। दिनभर घर से ही कार्यालयी कामकाज किया जा रहा है।"

उन्होंने बताया कि "कई वषों के बाद यह पहला मौका है जब वह घर में हैं परिवार के साथ भी अपना समय बिता पा रहे हैं। राजनैतिक व्यस्तता के नाते यह कर पाना मुश्किल होता था लेकिन पिछले कई दिनों से घर में पारिवारिक सदस्यों के साथ भोजन करने का मौका मिल रहा है। उनसे बातें साझा करने का भी यह अवसर है।"

गन्नामंत्री सुरेश राणा भी लॉक डाउन के कारण मिले वक्त को अपने परिवार के साथ तो बिता रहे हैं साथ गन्ना किसानों और चीनी मिलों की समस्याओं को भी देख रहे हैं। अपने क्षेत्र में हर दिन करीब 150 फोन कॉल के माध्यम से लोगों के हाल-चाल ले रहे हैं। लोगों को कोरोना के प्रति फोन से जागरूक कर रहे हैं। इसके अलावा जरूरतमंदो को अपने साथियों के माध्यम से सहयता के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

मंत्री ने बताया कि दोपहर 2 बजे से 7 बजे तक कार्यालय के काम निपटाते हैं। हर दिन 10 से 15 गन्ना अधिकारियों से बातचीत भी करते हैं। इसके अलावा मिलों के प्रबंधकों से फीडबैक लेते हैं। उन्होंने कहा शुगर मिलों से आह्वान किया है वह ज्यादा से ज्यादा सैनिटाइजर बनाने का कार्य करें।

इस वायरस में 70 प्रतिशत अल्कोहल इस वायरस के लिए इफेक्टिव है। इस पर काम चालू है। इसलिए कुछ यूनिटों ने सैनिटाइजर पर काम करना शुरू कर दिया है। बांकी बचे समय में किताबों का अध्ययन शुरू किया है। तीस वषरें में पहली बार 5 दिनों से घर पर हूं इसका एक अलग अनुभव है। समय का ज्यादा उपयोग कार्यालय, परिवार, आध्यात्म और अध्ययन के समन्वय में लगा है।

होमगार्ड मंत्री चेतन सिंह चौहान लॉकडाउन में अपने कार्यालय का पूरा काम घर से ही देख रहे हैं। ज्यादातर टेलीफोन से लोगों को सुझाव दे रहे हैं। इसके अलावा खाली बचे समय में वह साफ-सफाई पर ध्यान दे रहे हैं। वह अपना शौचालय भी साफ कर रहे हैं। बचे समय में वह पत्नी के साथ ताश खेलना नहीं भूल रहे हैं।

उधर, भारतीय जनता पार्टी के (भाजपा) प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह इन दिनों कोरोना से अलग तरीके से जंग लड़ रहे हैं। उनका जरिया बन हैं जिलों के भाजपा नेता और कार्यकर्ता। वह दिनभर कार्यकर्ताओं से फीडबैक ले रहे हैं साथ ही लोगों को अपने घरों में रहकर सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूक करने का अभियान चलाने के लिए निर्देश भी दे रहे हैं। वह कोरोना को लेकर प्रदेशभर में जिलाध्यक्षों व अन्य पदाधिकारियों का फीडबैक लेना शुरू करते हैं।

 

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